Ghazal

3
286
PicsArt_05-31-01.45.07
5
(4)

अगर वो पूछे, ”कोई बात क्या बुरी लगी है ?”
ज़ियादा सोचना मत, बोल देना ,”जी! लगी है!”

बुरी लगी तेरी मौजूदगी क्लास में आज
कि मेरे बोले बिना तेरी हाज़िरी लगी है

उसे मनाते मनाते मैं रूठने लगा था
फिर उसने पूछ लिया,”फ़िल्म कौन सी लगी है ?”

ऐ मौत ठहर, ज़रा सब्र कर, क़तार में देख
कि तुझ से आगे,बहुत आगे ज़िन्दगी लगी है

घड़ी में वक़्त घटाते हुए मैं भूल गया
कि यार उसकी भी दीवार पर घड़ी लगी है

-Ahmad Azeem

Rate This Post

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 4

No votes so far! Be the first to rate this post.