बेवफा

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तेरी याद बहुत आती है मुझको, हर लम्हा रूलाती है मुझको
इश्क में क्या रुसवाई हो गई, जो इतना तड़पाती है मुझको

गलत तू नहीं, गलत तूने मुझको माना है
एक बार बोल दिया होता
तुझे किसी और के साथ जाना है
अच्छा लगेगा मुझे, जब मेरा कुसूर तू बयां करेगी
वरना मरना तो कल भी था मुझे,अब मर मुझे आज ही जाना है

तूने मुझको रुला के क्या पाया, क्या तेरी फितरत दिल तोड़ना है
बिखरा हुआ पड़ा हूं रास्ते में,बता कब मेरे ऊपर से गुजर जाना है

कभी प्यार हुआ है तुझको, तो कदर तुझे जज्बातों की होगी
रहम नहीं मांग रहा हूं तुझसे, मेरे जिस्म में खुशबू मेरे यार की होगी

Written By
Akash Jain

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