Old Times Ghazal By Gulzaar Sahab And Jagjeet Singh Sahab !!

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Marasim Cover
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दोस्तों, ये जो पिक्चर मैँ यहाँ अटैच कर रहा हूँ , ये गुलज़ार साब की एक किताब “selected  Poems ” से ली गयी है.
 
 
इतनी अच्छी लाइन्स लिखी है गुलज़ार साब ने , और यही लाइन्स उनकी खुद की आवाज़ में और भी ज़्यादा दिल को छू लेने वाली लगती हैं,
 
 
 
 
 
जगजीत सिंह जी की एल्बम “मरासिम” से लिया गया ये ऑडियो और एक गाना उसी एल्बम का. अपने कॉलेज टाइम में मैंने ये पूरी एल्बम बहुत लम्बे टाइम तक रिपीट कर कर के सुनी थी.
 
 
कितना अनुशासन वाला संगीत था उस वक़्त. मानो जैसे कि ज़िंदगी कि रफ़्तार ही काम हो गयी हो. एक एक लाइन में , एक एक ताल में कुछ है. जगजीत सिंह जी कि आवाज़ का बेस , दिल में उतर जाने वाली तबले और कांगो की ताल, मोती की तरह बिखरती गिटार के सुर , और बहुत ही अर्थपूर्ण शब्द. . . . . . . बिलकुल ऐसे लगता था कि जैसे दिल , आत्मा की full Service  हो गयी हो.  
 
आश्चर्य इस बात का होता है कि क्या कभी दोबारा भविष्य में इस प्रकार का music  वापस आ पाएगा ???

क्या हिप हॉप , इलेक्ट्रो और ट्रांस म्यूजिक के आने के बाद ये मधुर संगीत के लिए किसी के दिल में जगह है ??
 

अब म्यूजिक सिर्फ एक इंडस्ट्री बन गया है, बिज़नेस बन गया है. वही प्रोडूस किया जायगा जो ज़बरदस्ती बिक जायगा और ४ पैसे जेब में आयंगे.
आज गली मोहल्लो में भी म्यूजिक प्रोडक्शन के सेटअप लगा रखे है सभी लोगो ने . लाखो लोग म्यूजिक प्रोडूस कर रहे है घर घर में. हज़ारो गाने रिलीज़ हो रहे है लेकिन दिल को छु लेने वाले गाने सिर्फ कुछ ही हैं . काश हमारी Young Generation वापस उस गीत संगीत की तरफ आकर्षित हो सके , फिर से वो महान गायकी का दौर वापस आ सके .
 
मैँ वीडियो का लिंक भी आपको यहाँ पर दे रहा हूँ . 
 
” गिरह ” का ऑडियो गुलज़ार साहब की आवाज़ में सुनिए,  (Use Earphones )
 
 
 
 
मरासिम एल्बम का ही मेरा एक favourite  गाना “एक पुराना मौसम लौटा “ – 
 
 
 

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