१० जॉब्स जो कि आने वाले समय में ख़त्म हो जायँगी

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क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो पहले हुआ करती थीं और अब नहीं हैं या बहुत कम संख्या में हैं? कंप्यूटर एवं टेक्नोलॉजी के आने के कारण कई सारे कार्य एवं नौकरी ऐसी है जिनका भविष्य में होना मुश्किल है 

  • पहले गली-गली में PCOs होते थे अब नहीं हैं.
  • पहले लगभग हर मिडल क्लास घर में लैंड लाइन होता था अब नहीं है.
  • पहले Yellow Pages directories हुआ करती थीं अब नहीं दिखतीं.
  • पहले cybercafes हुआ करते थे अब ये खत्म की कगार पर हैं.
  • थोड़ा और पहेल जाएं तो पोस्ट कार्ड और अंतर्देशीय भारी मात्रा में प्रयोग होते थे अब नहीं होते.
  • हम छोटे थे तो हर बच्चे के पास ध्रुव और नागराज की कॉमिक्स हुआ करती हैं अब नहीं होतीं.

यानी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो कल थीं पर आज नहीं हैं और इसी तरह आज ऐसी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो technological advancement और Artificial Intelligence (AI)के कारण कल नहीं होंगी.

अगर आप नहीं जानते कि ये AI क्या है तो –

AI एक ऐसा विज्ञान है जो कंप्यूटर से ऐसे काम करा सकता है जिसके लिए आमतौर पे human intellect की ज़रुरत पड़ती है ।

जैसे कि जब आप फेसबुक पे कोई फोटो अपलोड करते हैं तो वो अपने आप ही आपके फ्रेंड्स के faces highlight कर देता है और उन्हें tag करने को suggest करता है. ये AI के कारण ही सम्भव है।

इसलिए, अगर आप young हैं और अपना कैरियर बनाने में लगे हैं तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़िएगा और accordingly अपनी studies और career plan out करियेगा.

1) ड्राईवर:

चाहे वो कार का हो या बस-ट्रक का उसकी जॉब AI ले लेगा.

Elon Musk की कम्पनी Tesla already ऐसी इलेक्ट्रिक कारें बेच रही है जो self-driven हैं. और आने वाले सालों में ये टेक्नोलॉजी इतनी मैच्योर हो जायेगी कि इसे बसों-ट्रकों में भी implement किया जा सकेगा.

और ऐसे होते ही Ola, Uber समेत तमाम कम्पनियाँ महंगे और थक जाने वाले ड्राइवर्स रखने की जगह कभी न थकने वाली automated cars, trucks और buses use करने लगेंगे. साथ ही अपना पर्सनल ड्राईवर रखने वाले लोग भी ऐसी ही गाड़ियों को प्रेफर करेंगे.

जर्मनी पहले ही ऐसी गाड़ियों को अप्प्रूव करने का इंटरेस्ट दिखा चुका है और दुनिया के सभी मेजर automobile manufacturers भी ऐसी ही इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ बनाने में R&D कर रहे हैं जिन्हें कंप्यूटर लॉजिक और AI से चलाया जा सके, without any human intervention.

2) डिलीवरी बॉय:

वो समय दूर नहीं जब आप अपने ऑनलाइन आर्डर डिलीवरी के लिए गेट कि बजाये आसमान में देखंगे.

लखनऊ में कुछ दिन पहले दुनिया की पहली चाय ड्रोन से डिलीवर की गयी. Drone से Pizza deliveries की खबरें हम पहले ही सुन चुके हैं. Amazon ने अपनी पहली drone delivery December 2016 में ही कर ली थी.

Delivery by Drone by amazon

Future में डिलीवरी करने का काम ड्रोन्स करेंगे. और ऐसे लाखों लोग जो अभी ये काम कर रहे हैं उनकी जगह कुछ हज़ार ड्रोन ऑपरेटर्स ले लेंगे… और क्या पता इन operators की भी ज़रुरत ना पड़े.

3) बैंक जॉब्स

कितने दिन हुए आपको अपना बैंक विजिट किये हुए? शायद महीनों या फिर सालों. मोबाइल ऐप्स ने बैंक को आपकी मुट्ठी में दे दिया है. पैसा भेजना हो, मंगाना हो, चेक बुक आर्डर करनी हो, FD करानी हो even loan के लिए अप्लाई करना हो… ये सारी चीजें आप अपनी मोबाइल पर कर सकते हैं.

यहाँ तक कि अब अकाउंट खोलने और पैसे जमा करने के लिए भी आपको बैंक जाने की ज़रुरत ही नहीं. अकाउंट मोबाइल पे खोलिए और पैसे ATM में जमा कर दीजिये! ऐसे में भविष्य में बैंकों को एम्प्लाइज की बहुत अधिक ज़रुरत नहीं रहने वाली.

4) ट्रेवल एजेंट्स

Already, Oyo rooms, Trivago, Make My Trip, Yatra और Booking.com जैसी कम्पनियाँ बहुत बड़ा मार्केट कैप्चर कर चुकी हैं, और लाखों लोग इन्ही पे होटल बुक कर रहे हैं. ट्रेन और फ्लाइट बुकिंग के लिए भी आप किसी पर निर्भर नहीं हैं.

यानी निकट भविष्य में conventional travel agents की कोई ज़रुरत नहीं पड़ने वाली.

5) पर्सनल असिस्टेंट

क्या आप इन लोगों को जानते हैं- Siri, Cortana, Alexa?

ये जनाब voice assistants हैं- Apple, Microsoft और Amazon के respectively. और इन्ही का एक दोस्त है Google Assistant.

पता है ये आपके लिए इतना कुछ कर सकते हैं जितना आप सोच भी नहीं सकते.

यहाँ तक की ये आपके लिए खुद फ़ोन कर के डेंटिस्ट, हेअरकट या किसी ज़रूरी मीटिंग की अपॉइंटमेंट भी फिक्स कर सकते हैं.

बस आपको इन्हें अपनी आवाज़ में एक instruction देनी है.

For example: आपने Google Assistant से कहा “Please book an appointment at XYZ Parlour, Ashok Nagar between 1 to 2 pm for facial”

और बस ये आपका काम कर देगा.

Amazing! Isn’t it?

यानी निकट भविष्य में ऐसे बहुत से काम जो कोई PA किया करता था या जिन्हें हमें खुद करना पड़ता था वो वौइस् असिस्टेंट कर देंगे.

6. सैनिक

एक ज़माना था जब युद्ध में जीत उसकी होती थी जिसके पास अधिक सैनिक हुआ करते थे… पर अब ऐसा नहीं है और भविष्य की लड़ाइयों कमरे में बैठ कर लड़ी जायेंगी.

दोस्तों, Technology सबसे पहले Armed Forces में ही दस्तक देती है. यहाँ तक कि Internet की invention का एक बड़ा क्रेडिट U.S. Department of Defense की फंडिंग को जाता है. और आज ऐसी तमाम रिसर्च चल रही हैं जहाँ battle fields में soldiers की जगह robots लड़ेंगे, शायद iron man की तरह, और पायलट्स की जगह software प्लेन उड़ायेंगे.

7. टेलीमार्केटर

यानी फ़ोन पे कॉल कर के आपको कोई चीज बेचने का प्रयास करने वाले individuals. इनका रोल भी अब बहुत दिनों तक नहीं रहने वाला.

आपको पता चले न चले Facebook, Google जैसी कम्पनियाँ cookies के जरिये आपकी ऑनलाइन एक्टिविटीज को करीब से देखती हैं और उनका algorithm आपको कस्टमर्स के एक ख़ास केटेगरी में डाल देता है.

और इसी डाटा के मदद से कम्पनीज अब Online और video marketing के जरिये कहीं बेहतर और सटीक तरीके से अपने prospects को attract कर पा रही हैं.

8. सॉफ्टवेयर टेस्टर्स

Testing की जॉब का फ्यूचर भी खतरे में है.

मशीन लर्निंग (AI की एक ब्रांच) की मदद से सॉफ्टवेर टेस्टिंग का काम भी human beings से छिन सकता है. धीरे-धीरे हम ऐसे सिनेरियो की तरफ मूव कर रहे हैं जहाँ मशीन टेस्ट केसेस लिखने और एक्सीक्यूट करने का काम खुद करने में सक्षम हो रही हैं.

इसमें वक़्त अधिक लग सकता है और हो सकता है और हो सकता है manual testers की डिमांड पूरी तरह से ख़त्म न हो पर एक बड़ा इम्पैक्ट पड़ना तो तय है.

9. ट्रेनर्स & टीचर्स

जो भी काम repetitive होता है, जैसे कि बार-बार एक ही चीज सिखाना या पढ़ना ऐसी जगहों पर एक अच्छा सा algo design कर के human intervention को काफी हद तक ख़त्म किया जा सकता है.

Already हम Insurance and Finance industry में trainers का role minimize होते हुए देख रहे हैं… उनकी जगह ऐप इनेबल्ड टैब्स और ने ले ली है. इस तरह स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज और बच्चों के हाथों में मोबाइल ने टीचर्स की importance पर negative impact डाला है.

कौन जानता है भविष्य में Natural Language Programming की वजह से टीचर्स की जगह उनका virtual avatar पढाये या हो सकता है बच्चे कहें Siri ma’am Maths का test लेंगी और Alexa ma’am English पढ़ाएंगी.

💡 Just for your information आज की डेट में जापान और कोरिया में रोबोट्स बच्चों को अंग्रजी सिखा रहे हैं.

10. फैक्ट्री एंड कन्स्ट्रक्शन वर्कर्स

क्या आपने 3D printing machine के बारे में सुना है? ये एक ऐसी मशीन है जो 3 dimensional printing करती है. यानी एक ऐसा प्रिंटर जो पेपर पर cricket bat की तस्वीर नहीं ड्रा करता बल्कि सचमुच का क्रिकेट बैट ही बना कर दे देता है.

Already कई जगहों पर इस तरह के प्रिंटर्स से घर तक बनाये जा चुके हैं. इसके अलावा कई sophisticated मशीनों ने human labour का रोल बहुत कम कर दिया है.

इसे समझना कठिन नहीं है, भारत में भी पहले जब कोई घर बनता था तो उसमे महीनों तक बीसों मजदूर काम करते थे, पर अब Concrete Mixer, lifts और क्रेंस की वजह से कम मजदूर लगते हैं और काम जल्दी हो जाता है. लेकिन फ्यूचर में ऐसा भी हो सकता है कि एक प्रिंटर आपकी जमीन पर आये और कुछ ही घंटों में आपका घर प्रिंट कर दे… या हो सकता है robots की एक टीम दिन-रात काम करके २-३ दिन में ही आपका घर तैयार कर दे.

Friends, इस लिस्ट को देखकर थोड़ा डर सा लगता है, पर डर तब भी लगा था जब कंप्यूटर ने अपने पाँव पसारने शुरू किये थे, लेकिन आज उसी कंप्यूटर की वजह से भारत में हजारों लोग millionaire बन पाए हैं और लाखों लोग अपना घर चला रहे हैं.

इसलिए हम उम्मीद कर सकते हैं कि अगर AI और new technologies लाखों नौकरियां ख़त्म करेंगी तो future में बहुत से नए तरह की employment generate भी हो होंगे.

So let’s prepare for the worst and hope for the best!

Thank You

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